लक्ष्मी मैया मेरे घर में आ जाइये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

लक्ष्मी मैया मेरे घर में आ जाइये,

हमको कष्टों से मुक्ति दिला जाइये,

भाव भक्ति से तुमको बुलाते हैं हम,

अपने मन की व्यथा को सुनाते हैं हम,

लक्ष्मी मैया मेरे घर में आ जाइये,

हमको कष्टों से मुक्ति दिला जाइये॥

लक्ष्मी मैया मेरे घर में आ जाइये,

हमको कष्टों से मुक्ति दिला जाइये,

घर हमारे माँ इक बार आ जाइये,

हम गरीबों की किस्मत बना जाइये,

लक्ष्मी मैया मेरे घर में आ जाइये,

हमको कष्टों से मुक्ति दिला जाइये॥

लक्ष्मी मैया मेरे घर में आ जाइये,

हमको कष्टों से मुक्ति दिला जाइये,

हमको संसार में है तेरा आसरा,

डाल हम पर दया दृष्टि माता जरा,

लक्ष्मी मैया मेरे घर में आ जाइये,

हमको कष्टों से मुक्ति दिला जाइये॥

लक्ष्मी मैया मेरे घर में आ जाइये,

हमको कष्टों से मुक्ति दिला जाइये,

तेरी कृपा से किस्मत बदल जाएगी,

जिंदगी की मुसीबत भी टल जाएगी,

लक्ष्मी मैया मेरे घर में आ जाइये,

हमको कष्टों से मुक्ति दिला जाइये॥

लक्ष्मी मैया मेरे घर में आ जाइये,

हमको कष्टों से मुक्ति दिला जाइये,

तू चमत्कार जब भी दिखाती है माँ,

रंक को राजा पल में बनाती है माँ,

लक्ष्मी मैया मेरे घर में आ जाइये,

हमको कष्टों से मुक्ति दिला जाइये॥

लक्ष्मी मैया मेरे घर में आ जाइये,

हमको कष्टों से मुक्ति दिला जाइये,

मैया खुश होके जब भी तू वर देती है,

राह मुश्किल को आसान कर देती है,

लक्ष्मी मैया मेरे घर में आ जाइये,

हमको कष्टों से मुक्ति दिला जाइये॥

लक्ष्मी मैया मेरे घर में आ जाइये,

हमको कष्टों से मुक्ति दिला जाइये,

तू कृपालु है कितनी है ममता भरी,

राह की अड़चने मैया तूने हरी,

लक्ष्मी मैया मेरे घर में आ जाइये,

हमको कष्टों से मुक्ति दिला जाइये॥

लक्ष्मी मैया मेरे घर में आ जाइये,

हमको कष्टों से मुक्ति दिला जाइये,

दीन दुखियों को आँचल तले जब लिया,

दुःख की रातों को तूने दीवाली किया,

लक्ष्मी मैया मेरे घर में आ जाइये,

हमको कष्टों से मुक्ति दिला जाइये॥

लक्ष्मी मैया मेरे घर में आ जाइये,

हमको कष्टों से मुक्ति दिला जाइये,

जो भी दुखिया शरण में तेरी आ गया,

सारे जीवन का तुझसे माँ सुख पा गया,

लक्ष्मी मैया मेरे घर में आ जाइये,

हमको कष्टों से मुक्ति दिला जाइये॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।