हे शिव शम्भू कल्याण करो

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

करो हे शिव शम्भू कल्याण,

करो हे शिव शम्भू कल्याण,

आपके चरणों में भोले है,

अपना सकल जहान,

करो हे शिव शम्भू कल्याण,

करो हे शिव शम्भू कल्याण……….

है सबका तारण हारा भोले जी नाम तुम्हारा,

जगत में कोई नहीं है भोले तेरे बिना हमारा,

तुम्ही मेरे ब्रह्मा विष्णु तुम्ही तो मेरे राम हो,

तेरी ही शरण में भोले मेरी तो सुबह शाम हो,

अपनी भक्ति का बस भोले दो हमको वरदान,

करो हे शिव शम्भू कल्याण,

करो हे शिव शम्भू कल्याण………….

शिवालय मन को बनाया इसमें आपको बसाया,

भोले मैं भी जानू खोया या मैंने पाया

मेरा अब नहीं जोर है हाथ में तेरे डोर है,

आप ही मुझको भोले खींचते अपनी और है,

मेरे इस जीवन पे भोले आपका है अहसान,

करो हे शिव शम्भू कल्याण,

करो हे शिव शम्भू कल्याण…………..

सांस चले जबतक मेरी वंदना करू मैं तब तक तेरी,

तेरी दर्शन के शिव ना और कोई इच्छा मेरी,

एक पल नहीं गावउ तेरा ही मैं ध्यान लगाऊं,

कृपा तुम करना इतनी मैं रास्ता भटक ना जाऊं,

मंजिल तुम्हे मैं हूँ मुसाफिर, भोले जी अनजान

करो हे शिव शम्भू कल्याण,

करो हे शिव शम्भू कल्याण……….

आप हो भूतेश्वर आप ही खुद परमेश्वर,

योगियों के योगी हो तुम्ही भोले योगेश्वर हो,

जो दर्शन आपके पाए सफल जीवन हो जाए,

रहे ना भये फिर भाव का पार हम कार ही जाए,

सब पे कृपा करते हो तुम भोले दया निधान,

करो हे शिव शम्भू कल्याण,

करो हे शिव शम्भू कल्याण………..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।