धर्म कर्म घटता ही जाए

कुमार विशु
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

धर्म कर्म घटता ही जाए डोल रहा ईमान,

धर्म कर्म घटता ही जाए डोल रहा ईमान,

संकट मोचन संकट टालो करो विश्व कल्याण,

जय जय राम सिया राम बोलो राम,

जय जय राम सिया राम बोलो राम॥

सिया हरण जब हुआ सिया का पता लगाया,

लक्षमण को भी बचाने हेतु संजीवन ले आया,

इंसान के दिल में पनप रहा है देखो एक शैतान,

संकट मोचन संकट टालो करो विश्व कल्याण,

जय जय राम सिया राम बोलो राम,

जय जय राम सिया राम बोलो राम……….

राम की मुश्किल आसान करदी तुमने हर एक बार,

श्री राम का काम हर बार किया सहज स्वीकार,

इधर उधर चहु और लोग सब होने लगे बेई मान,

संकट मोचन संकट टालो करो विश्व कल्याण,

जय जय राम सिया राम बोलो राम,

जय जय राम सिया राम बोलो राम……….

लंका जला के बजरंग ने बल अपना दिखाया,

रावण को बल पे गर्व था तूने गर्व मिटाया,

बुरे का होता पतन सदा और सच्चे का उत्थान,

संकट मोचन संकट टालो करो विश्व कल्याण,

जय जय राम सिया राम बोलो राम,

जय जय राम सिया राम बोलो राम………..

धर्म कर्म घटता ही जाए डोल रहा ईमान,

धर्म कर्म घटता ही जाए डोल रहा ईमान,

संकट मोचन संकट टालो करो विश्व कल्याण,

जय जय राम सिया राम बोलो राम,

जय जय राम सिया राम बोलो राम......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।