तुम झूलो राधे रानी आज हमारे आंगन में

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तुम झूलो राधे रानी आज हमारे आंगन में,

आंगन में हो महारानी हमारे आंगन में...

पहले जो झूलो वृंदावन में झूलो,

वृंदावन में झूलो, वृंदावन में झूलो,

हो तुम श्याम सुंदर की नार हमारे आंगन में...

दूसरों जो झूलो अवधपुर में झूलो,

अवधपुर में झूलो, अवधपुर में झूलो,

हो तुम रामचंद्र जी की नार हमारे आंगन में...

तीसरो जो झूलो हिमाचल में झूलो,

हिमाचल में झूलो, हिमाचल में झूलो,

हो तुम शिवशंकर जी की नार हमारे आंगन में...

तुम झूलो राधे रानी आज हमारे आंगन में,

आंगन में हो महारानी हमारे आंगन में...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।