आओजी गणराज प्यारे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

आओजी आओजी

आओजी गणराज प्यारे हम भक्तों के घर में,

भक्तों के घर में..

हम भक्तों के घर में,

आओजी गणराज प्यारे हम भक्तों के घर में॥

फूलो से हमने है अंगना सजाया,

फूलो से हमने है अंगना सजाया,

चंदन की इत्र से इसे महकाया,

चंदन की इत्र से इसे महकाया,

फूलो से हमने है अंगना सजाया,

चंदन की इत्र से इसे महकाया,

श्रद्धा के बहते है धारे हम भक्तों के घर में,

श्रद्धा के बहते है धारे हम भक्तों के घर में,

आओजी गणराज प्यारे हम भक्तों के घर में,

आओजी गणराज प्यारे हम भक्तों के घर में।

दीप जलाया प्रभु साची लगन का,

दीप जलाया प्रभु साची लगन का,

तेरे बिना है सूना मंदिर ये मन का,

तेरे बिना है सूना मंदिर ये मन का,

दीप जलाया प्रभु साची लगन का,

तेरे बिना है सूना मंदिर ये मन का,

हर साँस तुझको पुकारे हम भक्तों के घर में,

हर साँस तुझको पुकारे हम भक्तों के घर में,

आओजी गणराज प्यारे हम भक्तों के घर में,

आओजी गणराज प्यारे हम भक्तों के घर में।

गुड़ मोदक भी बनाया है निराला,

गुड़ मोदक भी बनाया है निराला,

मेवा है जिसने भावना का डाला,

मेवा है जिसने भावना का डाला,

गुड़ मोदक भी बनाया है निराला,

मेवा है जिसने भावना का डाला,

खाओ रे अम्बा दुलारे हम भक्तों के घर में,

खाओ रे अम्बा दुलारे हम भक्तों के घर में,

आओजी गणराज प्यारे हम भक्तों के घर में,

आओजी गणराज प्यारे हम भक्तों के घर में,

भक्तों के घर में..

हम भक्तों के घर में,

भक्तों के घर में..

हम भक्तों के घर में,

आओजी गणराज प्यारे हम भक्तों के घर में,

आओजी गणराज प्यारे हम भक्तों के घर में........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।