दुखियाँ के दुःख दूर करण आया मंगलवार

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

शुभ दिन था जब जनम लिया, शंकर अवतार ने,

शंकर अवतार ने,

शुभ दिन था जब जनम लिया, शंकर अवतार ने,

दुखियाँ के दुःख दूर करण, आया मंगलवार ने,

मंगलवार ने.....॥

सुबक सुबक के रोवे मत ना, दिल में धर ले धीर,

दिल में धर ले धीर,

बजरंग बाला, अंजनी के लाला, बदलेंगे तकदीर,

बदलेंगे तकदीर, बदलेंगे तकदीर,

शुभ दिन था जब राम मिले थे उस हनुमान ने,

उस हनुमान ने,

दुखियाँ के दुःख दूर करण, आया मंगलवार ने,

मंगलवार ने, मंगलवार ने......

छोड़ दुनियाँ के झंझट, बाबा में ध्यान लगा,

बाबा में ध्यान लगा,

एरंग बाबा भक्ति तू अपना भाग जगा,

ले खड़ताल बजा बाबा की खड़ताल ने,

बाबा की खड़ताल ने, बाबा की खड़ताल ने,

दुखियाँ के दुःख दूर करण, आया मंगलवार ने,

मंगलवार ने, मंगलवार ने......

शुभ दिन था जब जनम लिया, शंकर अवतार ने,

शंकर अवतार ने,

शुभ दिन था जब जनम लिया, शंकर अवतार ने,

दुखियाँ के दुःख दूर करण, आया मंगलवार ने,

मंगलवार ने.....॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।