सब भक्तों के हो साथ साथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तू डाल डाल तू पात पात,

सब भक्तों के हो साथ साथ,

तू डाल डाल तू पात पात,

सब भक्तों के हो साथ साथ।

प्रभु तुम कुल सृष्टि के मालिक हो,

हर दीन दुखी के पालक हो,

हर लेते दुखो की काली रात,

तू डाल डाल तू पात पात,

सब भक्तों के हो साथ साथ,

तू डाल डाल तू पात पात,

सब भक्तों के हो साथ साथ।

भोले तुम कुटिया महल बना देते,

धरती पर स्वर्ग दिखा देते,

जब करुणा की करते बरसात,

तू डाल डाल तू पात पात,

सब भक्तों के हो साथ साथ,

तू डाल डाल तू पात पात,

सब भक्तों के हो साथ साथ।

जहाँ भी पुकारे वही तुम आ जाते,

वही तुम आ जाते..

फ़िज़ा में बहारे तुम्ही हो ले आते,

तुम्ही हो ले आते..

जब हम गिरे और याद करे,

तुम थाम लेते हो आके हाथ,

तुम थाम लेते हो आके हाथ,

तुम थाम लेते हो आके हाथ,

भोले तुम बैठे हो कैलाश पर,

हम जिते तेरे विश्वास पर,

तेरे दम से है ये कायनाथ,

तू डाल डाल तू पात पात,

सब भक्तों के हो साथ साथ,

तू डाल डाल तू पात पात,

सब भक्तों के हो साथ साथ।

तुम्ही तो निराले, दया के सागर हो,

दया के सागर हो..

भंवर से हमे तुम ले आते बाहर हो,

ले आते बाहर हो..

सब दीनन के, सब दुखियो के,

कर देते सही हो तुम हालात,

कर देते सही हो तुम हालात,

भोले तुम करते बैल सवारी हो,

तुम शंकर डमरू धारी हो,

कोई कहता नाथो के हो नाथ,

तू डाल डाल तू पात पात,

सब भक्तों के हो साथ साथ,

तू डाल डाल तू पात पात........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।