सतगुरु ले चलो अपने साथ

पारंपरिक
श्री राम भजन गुरुदेव भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

सतगुरु ले चलो अपने साथ,

अकेली मैं घबराऊँगी॥

सतगुरु तुम तो करोगे स्नान,

मैं धीरे-धीरे जल भर लाऊंगी,

सतगुरु ले चलो अपने साथ,

अकेली मैं घबराऊँगी॥

सतगुरु तुम तो करोगे पूजा पाठ,

मैं धीरे-धीरे ज्योत जलाऊंगी,

सतगुरु ले चलो अपने साथ,

अकेली मैं घबराऊँगी॥

सतगुरु तुम तो करोगे मोहनभोग,

मैं धीरे-धीरे भोग बनाऊंगी,

सतगुरु ले चलो अपने साथ,

अकेली मैं घबराऊँगी॥

सतगुरु तुम तो करोगे विश्राम,

मैं धीरे-धीरे चरण दबाऊंगी,

सतगुरु ले चलो अपने साथ,

अकेली मैं घबराऊँगी.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।