भोले जी तनक सो काम हमारो

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले जी तनक सो काम हमारो,

मानु एहसान तुम्हारो,

हाँ हाँ रे शम्भू तनक सो काम हमारो,

मानु एहसान तुम्हारो॥

अरे सब अम्बर की चटक चुनरिया,

हमको नाथ मंगाए दियो,

जितने तारे होये गगन में,

चुनर में लगवा दियो,

अरे हस हस गोरा कहे नाथ से,

पल्ले पे धुरव को तारो, मानु एहसान तुम्हारो,

भोले जी तनक सो काम हमारो, मानु एहसान तुम्हारो,

अरे भोले छोटो सो काम हमारो, मानु एहसान तुम्हारो॥

अरे सब धरती को हरो घागरो,

हमको नाथ सिंवा दियो,

अगनि की तो अंगिया बनवाइयो,

पानी की तो गोत लगा दियो,

अरे हस हस गोरा कहे नाथ से,

अरे हस हस गोरा कहे नाथ से,

भोले शेष नाग को नाडो, मानु एहसान तुम्हारो,

अरे भोले छोटो सो काम हमारो, मानु एहसान तुम्हारो॥

ऊँची अटारी चन्दन किवाड़ी,

हमको नाथ बनवा दियो,

अरे धरती से तो अधर राखियो,

अम्बर से न लगा देयो,

अरे हस हस गोरा कहे नाथ से,

अरे हस हस गोरा कहे नाथ से,

भोले पेहरो लगे तुम्हारो, मानु एहसान तुम्हारो,

अरे भोले छोटो सो काम हमारो, मानु एहसान तुम्हारो,

अरे भोले छोटो सो काम हमारो, मानु एहसान तुम्हारो,

मानु एहसान तुम्हारो........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।