बेटी हूँ ना मैं तेरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ बाबा खाटू वाले,

मुझको तू दर पे बुला ले,

बेटी हूँ ना मैं तेरी,

मुझको तू गले लगा ले,

ओ बाबा श्याम,

दर पे बुला लेना,

दर्शन तो करा देना।।

बहुत दिनों से बाबा,

दर्शन ना हो पाए,

मंदिर अंदर बाबा,

कैसे तुम रुक पाए,

दर्शन को मनडा तरसे,

और आख्या झर झर बरसे,

ओ बाबा श्याम,

दर पे बुला लेना,

दर्शन तो करा देना।।

तुम ही मेरे जीवन हो,

तुझे देख देख जी लूंगी,

तेरे चरणों में बाबा जी,

मैं जीवन भर रह लूंगी,

अब दे दो शरण तुम्हारी,

क्या मैं नही तुमको प्यारी,

ओ बाबा श्याम,

दर पे बुला लेना,

दर्शन तो करा देना।।

तुम दर्शन दे दो तो,

मन बगिया खिल जाए,

मायूस हो चाहे हम,

तुझे देख के हम खिल जाए,

अब तो दर्शन दे दो ना,

‘खुशबू’ को खुश कर दो ना,

ओ बाबा श्याम,

दर पे बुला लेना,

दर्शन तो करा देना।।

ओ बाबा खाटू वाले,

मुझको तू दर पे बुला ले,

बेटी हूँ ना मैं तेरी,

मुझको तू गले लगा ले,

ओ बाबा श्याम,

दर पे बुला लेना,

दर्शन तो करा देना.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।