सेठ जी रो सेठ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अइंया आंख ना दिखाओ थाने पाप लागे,

थारे सेठजी रो सेठ म्हारो बाप लागे॥

मिन्नत जमानो दोहरो पायो,

जाग में बस अभिमान कमायो,

झूठे रोब ने दिखवान में के धाक लागे,

थारे सेठजी रो सेठ म्हारो बाप लागे॥

श्याम की माया श्याम ही जाने,

रंक ने राजा पल में बनावे,

तारे म्हारे में के अलग अलग के छाप लागे,

थारे सेठजी रो सेठ म्हारो बाप लागे॥

बस इतनी सी बात जानलो,

“शुभम रूपम” थे गाठ बंधलो ल्यो,

सागे सागे सगला चलन बड़ी शान लागे,

थारो म्हारो सबको सेठ सांवरो सबको बाप लागे.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।