लेके गोदी में खिला ल्यो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गिगालियो : छोटा बच्चा जिसे अधिक लाड प्यार से रखा जाता है।

लेके गोदी में खिला ल्यो,

बिलखे थारो गिगलियो,

लेके गोदी में खिला ल्यो,

यो बिलखे थारो गिगलियो,

गिगलियो जी थारो, गिगलियो।।

कोमल कोमल पावां सूं,

यो मंदरिये में घूमें,

चोघर जूं घुमावे नजरिया,

साँवरिया ना दिखे,

लेके बार बार बाबा, थारो नाम,

ढलकावे आंसू गिगलियो,

लेके गोदी में खिला ल्यो बाबा श्याम,

यो बिलखे थारो गिगलियो

गिगलियो जी थारो, गिगलियो।।

ना समझ अनजान है बाबा,

थोड़ी दया थे कर ल्यो,

देख नहीं गर पावे बाबा,

थे ही नजर इब कर ल्यो,

थारे सेवकये री,

राखो बाबा लाज,

यो शरण आयो गिगलियो,

लेके गोदी में खिला ल्यो,

बिलखे थारो गिगलियो,

गिगलियो जी थारो, गिगलियो।।

करे यो इशारो थारे कानी,

गोदी माहि लेके,

हाथ जुड़ाया थारे कानी,

जय श्री श्याम कह के,

रुद्रा फूल्यो ना समावे,

बाबा श्याम,

यो खिल के हँसे गिगलियो,

लेके गोदी में खिला ल्यो,

बिलखे थारो गिगलियो,

गिगलियो जी थारो, गिगलियो.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।