राजस्थान में शक्ति तीन महान हैं

पारंपरिक
हनुमान जी भजन विविध भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

राजस्थान में शक्ति तीन महान हैं,

सालासर में वीर बलि हनुमान हैं,

झुंझुनू माही माँ राणी सती माँ राज करे,

श्याम धणी का प्यारा खाटू धाम है,

राजस्थान में शक्ति........

शीश के दानी का घर घर डंका बजता है,

जाकर देखो सांवरा क्या खूब सजता है,

नैन से बहती मिलेंगी अमृत की धारा,

प्रेमियों से भरा दिखेगा मंदिर का द्वारा,

श्री श्याम कृपा बरसाए हारों को जीत दिलाये,

यूँ ही नहीं श्री श्याम जी कलयुग का देव कहाये हैं,

कलयुग में हारे का सहारा श्याम है,

श्याम धणी का प्यारा खाटू धाम है,

झुंझुनू माही माँ राणी सती माँ राज करे,

और सालासर में वीर बलि हनुमान हैं,

राजस्थान में शक्ति........

है बड़ी सुन्दर यहाँ पे झुंझनू नगरी,

आस लेकर आये भक्तों की बने बिगड़ी,

त्याग कर काया पति संग बैठी सेठानी,

कर सोलह श्रृंगार दादी लगती पटरानी,

है जगत की मात धिराणी महिमा दुनिया ने जानी,

जो दर गया वो तर गया कल्याण करे कल्याणी माँ,

सबकी जुबां पर दादी जी का नाम है,

झुंझुनू माही दादी जी का धाम है,

राजस्थान में शक्ति........

हाथ में होता बिराजे सीने में श्री राम,

सालासर में मिलेंगे तुमको वीर बलि हनुमान,

चूरमे के भोग को बालाजी स्वीकारे,

भक्तों को बजरंग बलि हर संकट से तारे,

बैठे वहां हनुमना जी काँधे लखन जी राम जी,

जय राम की जय जानकी श्री महादेव हनुमना की,

शिवम् दर पर मिल जाता आराम है,

सालासर में वीर बलि हनुमान है,

राजस्थान में शक्ति.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।