शेर पे सवार होके आजा शेरावालिये

पारंपरिक
श्री गणेश भजन दुर्गा भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

शेर पे सवार होके आजा शेरावालिये,

आज मेरे घर मैया तेरा जगराता है,

दौड़ी दौड़ी आजा मैया आजा शेरावालिये,

शेर पे सवार होके आजा शेरावालिये॥

हरे हरे गोबर से अंगना लिपाऊ माँ,

चाँद की चांदनी मैं चौकी सजाऊ माँ,

झिलमिल तारो की रौशनी कराऊ माँ,

दौड़ी दौड़ी आजा मैया आजा शेरावालिये,

शेर पे सवार होके आजा शेरावालिये॥

मुस्से पे सवार होके गणपति आए माँ,

डमरू बजाते हुए शिवजी भी आए माँ,

गदा घुमाते हुए हनुमान भी आए माँ,

दौड़ी दौड़ी आजा मैया आजा शेरावालिये,

शेर पे सवार होके आजा शेरावालिये॥

श्रद्धा और भगती से छत्र चढाऊ माँ,

जगमग करता मुकुट पहनाऊँ माँ,

केसर रोली का तिलक लगाऊं माँ,

दौड़ी दौड़ी आजा मैया आजा शेरावालिये,

शेर पे सवार होके आजा शेरावालिये॥

चंपा चमेली का हार पहनाऊँ माँ,

चूड़ी पहना के तुम्हे मेहँदी लगाऊं माँ,

लाल लाल घोटे वाली चुनरी ओढाऊ माँ,

दौड़ी दौड़ी आजा मैया आजा शेरावालिये,

शेर पे सवार होके आजा शेरावालिये॥

जय जय कार बोल तेरी ज्योत जगाऊ माँ,

चिमटा ढोलक मंजिरे बजाऊं माँ,

सारी सारी रात जाग भेट तेरी गाऊ माँ,

दौड़ी दौड़ी आजा मैया आजा शेरावालिये,

शेर पे सवार होके आजा शेरावालिये॥

ध्वजा और नरियल की भेट चढाऊ माँ,

मेवा हलवे चने का भोग लगाऊं माँ,

छोटी छोटी मैया तेरी कंजके बिठाऊ माँ,

दौड़ी दौड़ी आजा मैया आजा शेरावालिये,

शेर पे सवार होके आजा शेरावालिये,

आज मेरे घर मैया तेरा जगराता है,

दौड़ी दौड़ी आजा मैया आजा शेरावालिये,

शेर पे सवार होके आजा शेरावालिये॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।