जीवन डोरी सौंप दो तुम

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जीवन डोरी सौंप दो तुम,

जीवन डोरी सौंप दो तुम,

राम जी के हाथ में,

राम जी के हाथ में,

राम जी के हाथ में,

राम जी के हाथ में,

डगर डगर पे पाओगे तुम,

राम जी को साथ में,

राम जी को साथ में,

राम जी को साथ में,

राम जी को साथ में,

जीवन डोरी सौंप दो तुम,

राम जी के हाथ में,

राम जी के हाथ में,

राम जी के हाथ में,

राम जी के हाथ में।

जग की आशा छोड़ के जो भी,

राम की धुन में खोये,

काँटो पे भी सोकर उसका,

बाल ना बाँका होये,

जग की आशा छोड़ के जो भी,

राम की धुन में खोये,

काँटो पे भी सोकर उसका,

बाल ना बांका होये,

सुख शांति है राम के,

नाम की दिन रात में,

नाम की दिन रात में,

नाम की दिन रात में,

नाम की दिन रात में,

सुख शांति है राम के,

नाम की दिन रात में,

नाम की दिन रात में,

नाम की दिन रात में,

जीवन डोरी सौंप दो तुम,

राम जी के हाथ में,

राम जी के हाथ में,

राम जी के हाथ में।

दुर्गम काज सुगम हो जाते,

राम की माला जपने से,

राम की माला जपने से,

राम की माला जपने से,

जपने से..

दुर्गम काज सुगम हो जाते,

राम की माला जपने से,

दुखकारक दुर्भावना मिटती,

भक्ति भाव पनपने से,

दुखकारक दुर्भावना मिटती,

भक्ति भाव पनपने से,

हर सदमार्ग का दीप है,

राम की हर बात में,

राम की हर बात में,

राम की हर बात में,

राम की हर बात में,

जीवन डोरी सौंप दो तुम,

राम जी के हाथ में,

राम जी के हाथ में,

राम जी के हाथ में,

राम जी के हाथ में।

दुःख के भोर अंधियारे में तो,

राम उजियारा कर देते,

दुःख के भोर अंधियारे में तो,

राम उजियारा कर देते,

सुख समृद्धि के साधक का वो,

घडियो में घर भर देते,

सुख समृद्धि के साधक का वो,

घडियो में घर भर देते,

अपने मन को..

अपने मन को लीन करो तुम,

रघुवर दीनानाथ में,

राम जी के हाथ में,

राम जी के हाथ में,

राम जी के हाथ में,

राम जी के हाथ में,

राम जी के हाथ में।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।