हर दिन मेला है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हर दिन मेला है, यहाँ पे तेरा,

हर दिन मेला है,

क्या कहने की बारहों महीने,

भक्तों का रेला है॥

दर्शन को तेरे लम्बी कतारें,

गूँज रहे तेरे जय जयकारे,

मंदिर के बाबा तेरे अज़ब नजारें,

श्याम सजीला है यहाँ पे मेरा,

श्याम सजीला है,

के दूजा ना इस जैसा,

ये देव रंगीला है,

क्या कहने की बारहों महीने,

भक्तों का रेला है॥

दूर दूर से सेवक आएं,

पेट के के बल कोई लेटके आएं,

पैदल कोई कोई पसर के आएं,

बड़ा अलबेला है,

ये लीले वाला बड़ा अलबेला है,

के संग संग रहता है श्याम,

यहाँ कोई ना अकेला है,

क्या कहने की बारहों महीने,

भक्तों का रेला है॥

जब ग्यारस की जोत जगा ली,

लगता है मानो आई दिवाली,

खाटू की है हर रात निराली,

श्याम की लीला है,

खाटू में मेरे श्याम की लीला है,

ये रुतबा है हर्ष बड़ा,

ये देव हठीला है,

क्या कहने की बारहों महीने,

भक्तों का रेला है.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।