खाटू वाले की महफ़िल में आजा

कुमार विशु
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू वाले की महफ़िल में आजा,

श्याम प्यारे के सतसंग में आजा,

हाँ, प्रेम से एक ठुमका लगा जा,

झूम जरा, झूम जरा, झूम जरा,

ओ प्यारे झूम जरा, झूम जरा॥

नाँचे राजे महाराजे,

ढ़ोलक संग बाजा बाजे,

दुनियाँ बहुत नचाएगी,

आज यहाँ जो ना नाँचे,

इक ठुमके का इक वर दे,

बाबा जब किरपा कर दे,

लाज का है क्या काम यहाँ,

तू है और तेरा श्याम यहाँ,

लाज का है क्या काम यहाँ,

तू है और तेरा श्याम यहाँ,

श्याम के रंग में तन मन रंगा जा,

प्रेम से एक ठुमका लगा जा,

झूम जरा, झूम जरा, झूम जरा,

ओ प्यारे झूम जरा, झूम जरा......

श्याम भजन की बेला है,

दीवानो का मेला है,

दशो दिशाओ से आया,

खाटु में ये रेला है,

भजन की बहती गंगा है,

जन जन का मन चंगा है,

बांध ले घुंगरू पाँव में,

आजा श्याम की छाव में,

बांध ले घुंगरू पाँव में,

आजा श्याम की छाव में,

नाच ऐसे की महफ़िल पे छा जा,

प्रेम से एक ठुमका लगा जा,

झूम जरा, झूम जरा, झूम जरा,

ओ प्यारे झूम जरा, झूम जरा.....

साँसों की खड़ताल बजा,

झूम के आजा धमाल मचा,

भूल जा दुनियाँ दारी तू,

सबको अपने नाल नचा,

वक्त ये फिर ना आएगा,

चुका तो पछताएगा,

चल चकदे फट्टे प्यारे,

क्या सोचे अब आजा रे,

चल चकदे फट्टे प्यारे,

क्या सोचे अब आजा रे,

खाटू वाले का मन बहला जा,

प्रेम से एक ठुमका लगा जा,

झूम जरा, झूम जरा, झूम जरा,

ओ प्यारे झूम जरा, झूम जरा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।