आएगा जब रे बुलावा हरी का

अनूप जलोटा
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

आएगा जब रे बुलावा हरी का

छोड़ के सब कुछ जाना पड़ेगा

आएगा जब रे बुलावा हरी का

छोड़ के सब कुछ जाना पड़ेगा

नाम हरी का साथ जायेगा

और तू कुछ न ले पायेगा

नाम हरी का साथ जायेगा

और तू कुछ ना ले पायेगा

आएगा जब रे बुलावा हरी का

छोड़ के सब कुछ जाना पड़ेगा

राग द्वेष में हरी बिसरायो

भूल के निज को जनम गवायो

राग द्वेष में हरी बिसरायो

भूल के निज को जनम गवायो

भूल के निज को जनम गवायो

आएगा जब रे बुलावा हरी का

छोड़ के सब कुछ जाना पड़ेगा

नाम हरी का साथ जायेगा

और तू कुछ ना ले पायेगा

आएगा जब रे बुलावा हरी का

छोड़ के सब कुछ जाना पड़ेगा

सुमिरन की साची कमाई

झूठी जग की सब है सगाई

सुमिरन की साची कमाई

झूठी जग की सब है सगाई

झूठी जग की सब है सगाई

आएगा जब रे बुलावा हरी का

छोड़ के सब कुछ जाना पड़ेगा

अर्जी कर तू हरी से ऐसी

भक्ति मिले मीरा की जैसी

अर्जी कर तू हरी से ऐसी

भक्ति मिले मीरा की जैसी

भक्ति मिले मीरा की जैसी

आएगा जब रे बुलावा हरी का

छोड़ के सब कुछ जाना पड़ेगा

हाथ तेरे जीवन की बाज़ी

भक्ति से कर तू हरी को राज़ी

हाथ तेरे जीवन की बाज़ी

भक्ति से कर तू हरी को राज़ी

भक्ति से कर तू हरी को राज़ी

आएगा जब रे बुलावा हरी का

छोड़ के सब कुछ जाना पड़ेगा

नाम हरी का साथ जायेगा

और तू कुछ ना ले पायेगा

नाम हरी का साथ जायेगा

और तू कुछ ना ले पायेगा

आएगा जब रे बुलावा हरी का

छोड़ के सब कुछ जाना पड़ेगा

आएगा जब रे बुलावा हरी का

छोड़ के सब कुछ जाना पड़ेगा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।