बोलो जय साई साई

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

साई ने सच्ची दिशा जग में हमे दिखलाई,

साई ने सच्ची दिशा जग में हमे दिखलाई,

बोलो जय साई साई,

साई नाम है सुखदायी,

बोलो जय साई साई,

साई नाम है सुखदायी।

साई ने बातें कई अच्छी हमको है बतलायी,

साई ने बातें कई अच्छी हमको है बतलायी,

साई राम जय जय साई,

साई नाम है सुखदायी,

साई राम जय जय साई,

साई नाम है सुखदायी।

कर्म अच्छे हो तो फल मिले सुन्दर,

कर्म योगी को ना है किसी का डर,

पाक हो दामन निर्मल हो मन का घर,

साई रहता है उस दिल के ही भीतर,

हम अलग ना तुम जुदा साई का यह कहना है,

प्यार ही तो धर्म है,

मिलके सबको रहना है,

प्रीत की ही जीत है यह बात हमे समझायी,

साई राम जय जय साई,

साई नाम है सुखदायी,

साई राम जय जय साई,

साई नाम है सुखदायी।

साई तेरा हम ना छोड़ेंगे दामन,

तोड़ेंगे ना हम यह प्यार का बंधन,

है चरणों में तेरे अब ज़िन्दगी अर्पण,

साई तुझको ही सौंपा है यह तन मन,

है हमारी आरज़ू,

तेरा साथ छूटे ना,

रूठे चाहे यह जहां,

तू कभी भी रूठे ना,

अर्ज़ तूने भक्तों की अब तक ना है ठुकराई,

बोलो जय साई साई,

साई नाम है सुखदायी,

बोलो जय साई साई,

साई नाम है सुखदायी।

साई ने बातें कई अच्छी हमको है बतलायी,

साई ने सच्ची दिशा जग में हमे दिखलाई,

बोलो जय साई साई,

साई नाम है सुखदायी,

साई राम जय जय साई,

साई नाम है सुखदायी.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।