सपने में हो गया रे कमाल

पारंपरिक
हनुमान जी भजन दुर्गा भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सपने में हो गया रे कमाल,

मईया जी मेरे घर आ गयी,

मईया जी मेरे घर आ गयी,

शेर पे होके सवार,

मईया जी मेरे घर आ गयी।।

आगे आगे बजरंग बाला,

पीछे पीछे भैरव चाल्या,

बीच में शेर पे सवार,

मईया जी मेरे घर आ गयी,

सपने में हो गया रे कमाल,

मईया जी मेरे घर आ गयी।।

भूल गयी मैं अपनी सुद्ध बुद्ध,

देख के माँ का रूप हो अध्बुद्ध,

एक तक रही थी निहार,

मईया जी मेरे घर आ गयी,

सपने में हो गया रे कमाल,

मईया जी मेरे घर आ गयी।।

भक्तों में था आनंद छा रिया,

रूप देख के माँ का प्यारा,

बोल रहे जय जयकार,

मईया जी मेरे घर आ गयी,

सपने में हो गया रे कमाल,

मईया जी मेरे घर आ गयी।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।