हम राम जी के, राम जी हमारे हैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं

मेरे नयनो के तारे है

सारे जग के रखवाले है

हम रामजी के, रामजी हमारे हैं

हम रामजी के, रामजी हमारे हैं

एक भरोसो एक बल, एक आस विश्वास

एक राम घनश्याम हित, जातक तुलसी दास

हम रामजी के, रामजी हमारे हैं

हम रामजी के, रामजी हमारे हैं

जो लाखो पापियों को तारे है

जो अधमन को उद्धारे है

हम उनकी शरण पधारे है

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं

शरणागत आर्त निवारे है

हम इनके सदा सहारे है

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं

गणिका और गिद्ध उद्धारे है

हम खड़े उन्हीके के द्वारे है

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।