तुम बिना मोरी कौन खबर ले

संत सूरदास
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुम बिना मोरी, कौन खबर ले,

गोवर्धन गिरधारी रे ll

तुम बिना मोरी, कौन खबर ले l

गोवर्धन गिरधारी रे,,,

तुम बिना मोरी, कौन खबर ले,

गोवर्धन गिरधारी रे ll

औरन को तो, और भरोसो ll

हमको तो आस तुम्हारी रे,,,

तुम बिना मोरी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

मोर मुकुट सिर, छत्र विराजे ll

कुण्डल की छवि न्यारी रे,,,

तुम बिना मोरी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

लटपट पाग, केसरिया जामा ll

हिवड़े ओ हार हज़ारी रे,,,

हरि बिना मोरी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

यमुना के तीर, धेनु चरावे ll

बँसी वजावे, छत्र धारी रे,,,

तुम बिना मोरी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

वृन्दावन में, रास रचो है ll

गोपियों में गिरवर धारी रे,,,

हरि बिना मोरी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

छप्पन भोग, छतीसों मेवा ll

भोग लगावे राधे प्यारी रे,,,

तुम बिना मोरी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

वृंदावन की, कुंज गली में ll

सोहत राधे प्यारी रे,,,

तुम बिना मोरी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

इंद्र कोप, कियो बृज ऊपर ll

नख पर गिरवर धारी रे,,,

तुम बिना मोरी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

सूरदास प्रभु, तिहारे मिलन को ll

चरण कमल बलिहारी रे,,,

तुम बिना मोरी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

अपलोडर – अनिलरामूर्तिभोपाल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।