तू शब्दो का दास रे जोगी

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

तू शब्दो का दास रे जोगी, तेरा क्या विश्वास रे जोगी,

राम नहीं तू बन पाएगा, क्यों फिरता वनवास रे जोगी,

तू शब्दो का दास रे जोगी, तेरा क्या विश्वास रे जोगी॥

एक दिन विष का प्याला पी जा, फिर ना लगेगी प्यास रे जोगी,

तू शब्दो का दास रे जोगी, तेरा क्या विश्वास रे जोगी॥

भर आईं है मन की आँखें, बह गए सब अरमान रे जोगी,

इक पल के सुख की क्या कीमत, दुख है बारह मास रे जोगी,

तू शब्दो का दास रे जोगी, तेरा क्या विश्वास रे जोगी॥

ये सांसो का बन्दी जीवन, किसको आया रास रे जोगी,

तू शब्दो का दास रे जोगी, तेरा क्या विश्वास रे जोगी॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।