साईं करना कर्म

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

साईं करना कर्म, नए साल पे इतना,

बाबा करदो कर्म, नए साल पे इतना,

पाऊ प्यार तेरा, पाया हनुमत ने राम जी से जितना,

साईं करना कर्म, नए साल पे इतना,

बाबा करदो कर्म, नए साल पे इतना।

साईं मेरा बनो तुम सहारा,

तुम बिन कोई नही है हमारा,

तेरी रहमत का दरिया है इतना बड़ा,

मेरे जीवन का तू ही किनारा,

रहू खुश मैं सदा चाहे गम ये सताए मुझे कितना,

साईं करदो कर्म, नए साल पे इतना,

बाबा करदो कर्म, नए साल पे इतना।

बाबा लेलो जन्म तुम दोबारा,

पावन शिर्डी है धाम तुम्हारा,

सचे मन से जिसने भी नाम जपा,

उसका चमका है पल में सितारा,

प्रेम दास तेरा प्यार करता है बाबा तुम्हे कितना,

साईं करदो कर्म, नए साल पे इतना,

बाबा करदो कर्म, नए साल पे इतना।

साईं करना कर्म, नए साल पे इतना,

बाबा करदो कर्म, नए साल पे इतना,

पाऊ प्यार तेरा, पाया हनुमत ने राम जी से जितना,

साईं करना कर्म, नए साल पे इतना,

बाबा करदो कर्म, नए साल पे इतना।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।