तेरी जय हो ज्वाला माई रे

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तूने पानी में ज्योत जलाई रे,

तेरी जय हो ज्वाला माई रे।।

तूने राजा दक्ष के जन्म लिया,

शिव शंकर के संग ब्याह किया,

तू तो पार्वती कहलाये रे,

तेरी जय हो ज्वाला माई रे,

तूने पानी में ज्योत जलाई रे,

तेरी जय हो ज्वाला माई रे।।

तेरे पिता ने यज्ञ रचाया था,

और तुमको नहीं बुलाया था,

तू तो बिना बुलाये चली आई रे,

तेरी जय हो ज्वाला माई रे,

तूने पानी में ज्योत जलाई रे,

तेरी जय हो ज्वाला माई रे।।

सब देवो का आह्वान हुआ,

शिव शंकर का अपमान हुआ,

तू तो हवन कुंड समाई रे,

तेरी जय हो ज्वाला माई रे,

तूने पानी में ज्योत जलाई रे,

तेरी जय हो ज्वाला माई रे।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।