श्याम छलिया कि मुझे चाल बड़ी प्यारी लगे

पारंपरिक
महादेव भजन विविध भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

श्याम छलिया कि मुझे चाल बड़ी प्यारी लगे.....-4

तीन देवो में मुझे एक देव प्यारा लगे,

ब्रह्मा विष्णु में हमे भोले बड़ा प्यारा लगे,

श्याम छलिया कि मुझे चाल बड़ी प्यारी लगे॥

तीन पेड़ों में मुझे एक पेड़ प्यारा लगे,

बड़ पीपल छोड़ मुझे तुलसा बड़ी प्यारी लगे,

श्याम छलिया कि मुझे चाल बड़ी प्यारी लगे॥

तीन नदियों में मुझे एक नदी प्यारी लगे,

गंगा जमुना को छोड़ सरस्वती मुझे प्यारी लागे,

श्याम छलिया कि मुझे चाल बड़ी प्यारी लगे॥

तीन सखियों में मुझे एक सखी प्यारी लगे,

ललिता विशाखा छोड़ राधा बड़ी प्यारी लगे,

श्याम छलिया कि मुझे चाल बड़ी प्यारी लगे॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।