॥ पावन पाठ ॥
बेटी जन्मी तो खुल गए भाग,
मईया मेरी दुनिया में।।
बेटी के जनम से पहला दुखी थी,
अब गया बलमा नौकरी लाग,
मईया मेरी दुनिया में,
बेटी जन्मी तो खुल गए भाग,
मईया मेरी दुनिया में।।
सासु का रोग नहीं काटे कटे था,
अब होता ना कदे भी जुखाम,
मईया मेरी दुनिया में,
बेटी जन्मी तो खुल गए भाग,
मईया मेरी दुनिया में।।