विद्या बुद्धि देऊ महाराज

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

विद्या बुद्धि देऊ महाराज, गजानंद गोरी के लाला,

गौरी के लाला, गजानंद गोरी के लाला,

विद्या बुद्धि देऊ महाराज, गजानंद गोरी के लाला॥

पिता तुम्हारे शिव शंकर हैं, मस्तक पर चंदा,

मात तुम्हारी पार्वती है, पूजे जग सारा,

विद्या बुद्धि देऊ महाराज, गजानंद गोरी के लाला॥

मूषक वाहन सुढ सुडाला रूप तेरा चांगा,

गले वैजयंती माला सोहै, चढ़े पुष्पगंधा,

विद्या बुद्धि देऊ महाराज, गजानंद गोरी के लाला॥

जो जन तुम को नहीं मानते उनका भाग मांदा,

जो जन तुमरी करें साधना, खूब चले धंधा,

विद्या बुद्धि देऊ महाराज, गजानंद गोरी के लाला॥

रिद्धि सिद्धि के तुम दाता, विघ्न हरण करता,

मोदक लड्डू भोग तुम्हारा, हाथ सोहे फरसा,

विद्या बुद्धि देऊ महाराज, गजानंद गोरी के लाला......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।