उगा हे सूरज देव भेल भिनसरवा

अनुराधा पौडवाल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

उगा हे सूरज देव भेल भिनसरवा,

अरघ केरे बेरवा पूजन केरे बेरवा हो,

बड़की पुकारे देव दुनु कर जोरवा,

अरघ केरे बेरवा पूजन केरे बेरवा हो।

बाझिन पुकारे देव दुनु कर जोरवा,

अरघ केरे बेरवा पूजन केरे बेरवा हो,

अन्हरा पुकारे देव दुनु कर जोरवा,

अरघ केरे बेरवा पूजन केरे बेरवा हो।

निर्धन पुकारे देव दुनु कर जोरवा,

अरघ केरे बेरवा पूजन केरे बेरवा हो,

कोढ़िया पुकारे देव दुनु कर जोरवा,

अरघ केरे बेरवा पूजन केरे बेरवा हो।

लंगड़ा पुकारे देव दुनु कर जोरवा,

अरघ केरे बेरवा पूजन केरे बेरवा हो,

उगा हे सूरज देव भेल भिनसरवा,

अरघ केरे बेरवा पूजन केरे बेरवा हो।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।