जय जय महाकाल की कालो के काल की

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जय जय महाकाल की कालो के काल की,

उज्जैनी नगरी में बैठे बाबा मेरे महाकाल है,

काल उसका क्या कर लेगा जिसके संग महाकाल है,

जय जय महाकाल की कालो के काल की॥

उज्जैनी की पुण्य धरा पर महाकाल का वास है,

धन्य धन्य है लोग सभी जो करते यहाँ निवास है,

काल उसका क्या कर लेगा जिसके संग महाकाल है,

जय जय महाकाल की कालो के काल की॥

कितने भी संकट हो हमको छाई घनेरी रात है,

कैसा भय और कैसी चिंता महाकाल जब साथ हो,

काल उसका क्या कर लेगा जिसके संग महाकाल है,

जय जय महाकाल की कालो के काल की॥

महाकाल महाकाल की माला जो जपते दिन रात है,

उन भक्तो के मस्तक पर रहता बाबा का हाथ है,

काल उसका क्या कर लेगा जिसके संग महाकाल है,

जय जय महाकाल की कालो के काल की॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।