जगदंबे मां से पूछना

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरी अंबे मां से पूछना, जगदंबे मां से पूछना,

तेरा भवन है कितनी दूर,

छाले पड़ गए पांव में॥

मैया कोयल कू कू बोल रही,

और पपीहा मचाए रहे शोर,

छाले पड़ गए पांव में,

मेरी अंबे मां से पूछना.........

मैया रिमझिम बरसा हो रही,

और छाई घटा घनघोर,

छाले पड़ गए पांव में,

मेरी अंबे मां से पूछना........

मैया छतर नारियल भेंट चढ़ाऊं,

तेरी ज्योत जलाऊं सुबह शाम,

छाले पड़ गए पांव में,

मेरी अंबे मां से पूछना........

मैया हलवा छोले का भोग लगाऊ,

तेरा भंडारा कराऊं हर साल,

छाले पड़ गए पांव में,

मेरी अंबे मां से पूछना........

मैया दिल में लगन तेरे नाम की,

मोहे दर्श करा दे एक बार,

छाले पड़ गए पांव में,

मेरी अंबे मां से पूछना........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।