मईया जी का सजा दरबार सजाया किसने माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मईया जी का सजा दरबार,

सजाया किसने माँ।।

फूलों से दरबार सजाया,

मईया जी का सजा दरबार,

सजाया किसने माँ.....

दर की शोभा बड़ी निराली,

मईया जी का सजा दरबार,

सजाया किसने माँ.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।