कार्तिक ग्यारस जन्मे श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

( जनम लियो एक बालक ने,

बर्बरीक पड्यो नाम,

शीश दान दे श्री कृष्ण को,

कहलाये बाबा श्याम। )

कार्तिक ग्यारस जन्मे श्याम,

सबको आज बधाई है,

आज बधाई है..

सबको आज बधाई है,

कार्तिक ग्यारस जन्मे श्याम,

सबको आज बधाई है।।

भीमसेन का पौत्र लाडला,

मौरवी माँ ने जाया लाला

अहिलवती की आँख के तारे,

आज बधाई है,

कार्तिक ग्यारस जन्मे श्याम,

सबको आज बधाई है।।

खाटू में सब प्रेमी आये,

मेवा मिश्री केक भी लाये

सब मिलकर उत्सव हैं,

मनाएं आज बधाई है,

कार्तिक ग्यारस जन्मे श्याम,

सबको आज बधाई है।।

रंग बिरंगे निशान हैं लाते,

नाचते गाते ख़ुशी मनाते

कलयुग के राजा प्रगटे हैं,

आज बधाई है,

कार्तिक ग्यारस जन्मे श्याम,

सबको आज बधाई है।।

भाव देख भक्तों का बाबा,

उन पर अपना प्रेम लुटाता,

श्याम तेरी चौखट का भिखारी,

तू दातरी है,

कार्तिक ग्यारस जन्मे श्याम,

सबको आज बधाई है,

आज बधाई है,

सबको आज बधाई है,

कार्तिक ग्यारस जन्मे श्याम,

सबको आज बधाई है।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।