जदो शाम नू आवेगा घर श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जदो शाम नू आवेगा घर श्याम मैं ओदे नाल बोलणा नहियो,

जिन्ना मर्ज़ी हाए नी जिन्ना मर्ज़ी, जिन्ना मर्ज़ी पुकारे मेरा ना,

मैं आके कुंडा खोलना नहियो,

जदो शाम नू आवेगा घर श्याम.....

कोई कहे जी मेरी मटकी है तोड़ी,

कोई कहे किता माखन है चोरी,

करे थां थां ते... करे जग़ह जग़ह...

करे थां थां ते मैनु बदनाम, मैं ओदे नाल बोलणा नहियो,

जदो शाम नू आवेगा घर श्याम.....

आखदी यशोदा गल सुन लवो नंद जी,

ओनु वेखे बिना मैनू आउँदा नी आनंद जी,

ओही मेरा सुखः चैन ते आराम, मैं ओदे नाल बोलणा नहियो,

जदो शाम नू आवेगा घर श्याम.....

मईया मईया आखे मैनू लगे बड़ा प्यारा जी,

साँवला सलोना सारे जग दा सहारा जी,

सारी दुनिया तो सोहणा औदा नाम, मैं ओदे नाल बोलणा नहियो,

जदो शाम नू आवेगा घर श्याम.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।