मेरे नैना दीवाने रे तेरे दर्शन के सांवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे नैना दीवाने रे,

तेरे दर्शन के सांवरे,

आजा आजा बुलाते है,

बड़ा आंसू बहाते है॥

इक पल तो देखूं ख्वाब ये,

बैठा तू फूलों में,

दूजे ही पल आये नजर,

सावन के झूलों में,

बड़ा दिल को दुखाते ये,

कुछ सूझे ना सांवरे,

आजा आजा बुलाते है,

बड़ा आंसू बहाते है॥

काहे नेहा लगाकर आपने,

बिरहा में छोड़ा है,

रहना ही था तुमसे जुदा,

रिश्ता क्यों जोड़ा है,

रोते जाते रिझाते ये,

तोड़ो बंधन ना सांवरे,

आजा आजा बुलाते है,

बड़ा आंसू बहाते है॥

पगलाई तो दुनिया ये नहीं,

जो तुझको पूजे है,

‘लहरी’ लगन गाए भजन,

जिसे जैसा सूझे है,

तुझको अपना बनाते ये,

प्यारे रूठो ना सांवरे,

आजा आजा बुलाते है,

बड़ा आंसू बहाते है॥

मेरे नैना दीवाने रे,

तेरे दर्शन के सांवरे,

आजा आजा बुलाते है,

बड़ा आंसू बहाते है॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।