भक्त एक शिव का चला

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भक्त एक शिव का चला शिव को रिझाने के लिए,

शिव को रिझाने के लिए, शिव को मनाने के लिए,

भक्त एक शिव का चला शिव को रिझाने के लिए॥

हाथ में फ़ल फूल लोटा, जल चढ़ाने के लिए,

भक्‍त जब मंदिर में पहुँचा जल चढ़ाने के लिए,

हाथ जब ऊपर उठाया घंटा बजाने के लिए,

भक्त एक शिव का चला शिव को मनाने के लिए॥

देख कर सोने का घंटा पाप दिल में आ गया,

हो गया तैयार फौरन घंटा चुराने के लिए,

भक्त एक शिव का चला शिव को मनाने के लिए॥

बांध कर धोती कमर में हाथ दिल पर रख लिया,

चढ़ गया शिव जी के ऊपर घंटा चुराने के लिए,

भक्त एक शिव का चला शिव को मनाने के लिए॥

देख कर शिव जी ये समझे भक्‍त है सच्चा मेरा,

हो गए तैयार फौरन वरदान देने के लिए,

भक्त एक शिव का चला शिव को मनाने के लिए॥

देख कर ये भक्‍त समझा कोई यहां पर आ गया,

हो गया तैयार फौरन भाग जाने के लिए,

भक्त एक शिव का चला शिव को मनाने के लिए॥

आगे आगे भक्‍त भागे, पीछे भोला भाग रहे,

भोला पुकारे रुक जा मुसाफिर वरदान पाने के लिए,

भक्त एक शिव का चला शिव को मनाने के लिए॥

फूल फ़ल तो दुनिया चढ़ाए, तू तो सारा चढ़ गया,

शेष अब क्या रह गया मुझ पे चढ़ाने के लिए,

भक्त एक शिव का चला शिव को मनाने के लिए॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।