भोला भाला दिल मानेना

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

भोला भाला दिल मानेना,

तेरे सिवा कुछ जानेना,

भोला भाला दिल मानेना,

तेरे सिवा कुछ जानेना,

जबसे बसी हो मेरी आँखों में तुम,

चेहरा ये दूजा कोई पहचानेना,

भोला भाला दिल मानेना,

तेरे सिवा कुछ जानेना।

ऐसा नशा तेरे प्यार का है छाया,

जाऊं जहाँ चले तेरा ही साया,

ऐसा नशा तेरे प्यार का है छाया,

जाऊं जहाँ चले तेरा ही साया,

वादा करो साथ ये रहेगा दिन रात,

अब तो रहे हम अनजाने ना,

भोला भाला दिल मानेना,

तेरे सिवा कुछ जानेना,

भोला भाला दिल मानेना,

तेरे सिवा कुछ जानेना।

ये बेखुदी तेरे पास लेके आयी,

बढ़ती ही जाये मेरी ये बेकरारी,

ये बेखुदी तेरे पास लेके आयी,

बढ़ती ही जाये मेरी ये बेकरारी,

मीठी मीठी मेरे ये दिल की चुभन,

हम तो हुए है तेरे दीवाने ना,

भोला भाला दिल मानेना,

तेरे सिवा कुछ जानेना,

भोला भाला दिल मानेना,

तेरे सिवा कुछ जानेना,

जबसे बसी हो मेरी आँखों में तुम,

चेहरा ये दूजा कोई पहचाने ना,

भोला भाला दिल मानेना,

तेरे सिवा कुछ जानेना,

भोला भाला दिल मानेना,

तेरे सिवा कुछ जानेना।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।