भोले जी मेरे दिल को कभी मत तोड़ना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले जी मेरे दिल को कभी मत तोड़ना,

दिल को कभी मत तोड़ना..

भोले जी हमें अपना बनाकर मत छोड़ना,

भोले जी मेरे दिल को कभी मत तोड़ना॥

हाथों में लोटा गंगाजल लाई,

चरण धुलाऊ मत रोकना,

भोले जी मेरे दिल को कभी मत तोड़ना,

दिल को कभी मत तोड़ना..

भोले जी हमें अपना बनाकर मत छोड़ना॥

हाथों में दूध के लोटा में लाई,

तुम को नहलाऊ मत रोकना,

भोले जी मेरे दिल को कभी मत तोड़ना,

दिल को कभी मत तोड़ना..

भोले जी हमें अपना बनाकर मत छोड़ना॥

घिस घिस चंदन कटोरी भर लाई,

तिलक लगाऊ मत रोकना,

भोले जी मेरे दिल को कभी मत तोड़ना,

दिल को कभी मत तोड़ना..

भोले जी हमें अपना बनाकर मत छोड़ना॥

हाथ छांहवरी फूलों की लाई,

तुम्हें सजाओ मत रोकना,

भोले जी मेरे दिल को कभी मत तोड़ना,

दिल को कभी मत तोड़ना..

भोले जी हमें अपना बनाकर मत छोड़ना॥

हाथों में बेल पत्र लेके मैं आई,

तुम्हें चढ़ाऊं मत रोकना,

भोले जी मेरे दिल को कभी मत तोड़ना,

दिल को कभी मत तोड़ना..

भोले जी हमें अपना बनाकर मत छोड़ना॥

भांग धतूरा लेके मैं आई,

भोग लगाऊं मत रोकना,

भोले जी मेरे दिल को कभी मत तोड़ना,

दिल को कभी मत तोड़ना..

भोले जी हमें अपना बनाकर मत छोड़ना॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।