जंगल में मंगल करइयो शेरावाली

पारंपरिक
श्री राम भजन दुर्गा भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जंगल में मंगल करइयो शेरावाली,

करइयो शेरावाली, करियो लाटो वाली,

जंगल में मंगल करइयो शेरावाली॥

जो कोई तुमसे बेटा मांगे,

राम लखन की जोड़ी तुम देना शेरावाली,

जंगल में मंगल करइयो शेरावाली,

भक्तों की बिगड़ी बनइयो शेरावाली॥

जो कोई तुमसे बहूअल मांगे,

सीता जैसी बहूअल दे दइओ शेरावाली,

जंगल में मंगल करइयो शेरावाली,

करइयो शेरावाली, करियो पहाड़ोवाली,

भक्तों की बिगड़ी बनइयो शेरावाली॥

जो कोई तुमसे बेटी मांगे,

मीरा जैसी बेटी तुम दइओ शेरावाली,

जंगल में मंगल करइयो शेरावाली,

करइयो शेरावाली, करियो पहाड़ोवाली,

भक्तों की बिगड़ी बनइयो शेरावाली॥

जो कोई तुमसे पोते मांगे,

लव कुश की जोड़ी तुम दइओ शेरावाली,

जंगल में मंगल करइयो शेरावाली,

करइयो शेरावाली, करियो पहाड़ोवाली,

भक्तों की बिगड़ी बनइयो शेरावाली॥

जो कोई तुमसे पोती मांगे,

कर्मा जैसी पोती दे दइओ शेरावाली,

जंगल में मंगल करइयो शेरावाली,

करइयो शेरावाली, करियो पहाड़ोवाली,

भक्तों की बिगड़ी बनइयो शेरावाली॥

जो कोई तुमसे भक्ति मांगे,

अपने नाम की भक्ति तुम दइओ शेरावाली,

जंगल में मंगल करइयो शेरावाली,

करइयो शेरावाली, करियो पहाड़ोवाली,

भक्तों की बिगड़ी बनइयो शेरावाली॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।