मानो भोले मानो तेरे संग रहूंगी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मानो भोले मानो तेरे संग रहूंगी....-2

ब्रह्मा जी को इधर बुलाओ उनसे बातें करनी हैं,

भोले के माथे का चंदा अंबर में पहुंचा दूंगी,

मानो भोले मानो तेरे संग रहूंगी॥

विष्णु जी को इधर बुलाओ उनसे बातें करनी है,

भोले जी की जटा में गंगा धरती पे पहुंचा दूंगी,

मानो भोले मानो तेरे संग रहूंगी॥

रामा जी को इधर बुलाओ उनसे बातें करनी है,

भोले के हाथों के डमरु मंदिर में पहुंचा दूंगी,

मानो भोले मानो तेरे संग रहूंगी॥

कान्हा जी को इधर बुलाओ उनसे बातें करनी है,

भोले के नागों की माला नाग लोक पहुंचा दूंगी,

मानो भोले मानो तेरे संग रहूंगी॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।