तेरा प्यार है महान

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विविध भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

तेरा प्यार है महान,

तेरा प्यार है जहाँन,

मैं जो पहले मुर्दा था,

तूने डाली मुझमें जान,

तेरा प्यार है महान,

तेरा प्यार है जहाँन।

क्यों ना बोलूँ फिर मैं,

तेरी जय जयकार,

क्यों ना बोलूँ फिर मैं,

तेरी जय जयकार,

जय जयकार, जय जयकार

तूने मेरे लिये क्या कुछ ना किया,

तेरा प्यार है महान,

तेरा प्यार है जहाँन।

मेरी सूरत बिगड़ी थी,

मेरा दिल भी था खाली

तूने सींचा था खून से,

ताकि आये हरियाली

क्यों ना बोलूँ फिर मैं,

तेरी जय जयकार,

जय जयकार, जय जयकार

तूने मेरे लिये क्या कुछ ना किया,

तेरा प्यार है महान,

तेरा प्यार है जहाँन।

आई जीवन में खुशी,

आई अब्दी जिन्दगी,

तू है जिन्दा शाफ़िया,

तूने यह है किया,

क्यों ना बोलूँ फिर मैं,

तेरी जय जयकार,

जय जयकार, जय जयकार

तूने मेरे लिये क्या कुछ ना किया,

तेरा प्यार है महान,

तेरा प्यार है जहाँन।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।