भोले तुम्हें पर्वत का राजा किसने बनाया है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले तुम्हें पर्वत का राजा किसने बनाया है....-3

माथे पर चंदा है जटाओं में गंगा है,

गंगा का राजा भोले, तुम्हें किसने बनाया है,

भोले तुम्हें पर्वत का राजा किसने बनाया है॥

कानों में कुंडल है गले सर्प माला है,

नागों का राजा भोले, तुम्हें किसने बनाया है,

भोले तुम्हें पर्वत का राजा किसने बनाया है॥

हाथ में डमरू है तन बाघमबर है,

डमरु का राजा भोले, तुम्हें किसने बनाया है,

भोले तुम्हें पर्वत का राजा किसने बनाया है॥

संग में गौरा है गोदी में गणपत है,

गणपत का पापा भोले, तुम्हें किसने बनाया है,

भोले तुम्हें पर्वत का राजा किसने बनाया है॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।