छठी मैया सेवक तोहार

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नदिया के तीरे-तीरे आईला,

छठी मैया सेवक तोहार,

छठी मैया सेवक तोहार॥

घाटे सोबे परम मनोहर,

मैया तोर बंदन बा,

मैया तोर बंदन बा॥

वरतीन परिजन संग में,

कर जोरी करती गोहार,

कर जोरी करती गोहार॥

जल बिच खाड़ सेवक जन,

छठी मैया होनी सहाय,

छठी मैया होनी सहाय॥

नाटुवा नचावे की ओ गावे,

मैया तोर महिमा आपार,

मैया तोर महिमा आपार॥

नदिया के तीरे-तीरे आईला,

छठी मैया सेवक तोहार,

छठी मैया सेवक तोहार......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।