ज्योत पावन है मां मेरे घर में जली

पारंपरिक
हनुमान जी भजन दुर्गा भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

ज्योत पावन है मां मेरे घर में जली,

आ जाओ शेरावाली आज मेरी गली॥

कब से बैठे हैं सर को झुकाए हुए,

आस माता की मन में लगाए हुए,

तेरे आगे ओ मां, ना किसी की चली,

आ जाओ शेरावाली आज मेरी गली॥

देर आने में अब ना करो शारदे,

मैं हूं पापी अधम मां मुझे तार दे,

भैरो पीछे, तेरे आगे बजरंग बली,

आ जाओ शेरावाली आज मेरी गली॥

सारी दुनिया में मैया तेरा राज है,

तेरे भक्तो को मैया तेरी आशा है,

तेरे दर्शन से मां, खिली मन की कली,

आ जाओ शेरावाली आज मेरी गली॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।