बैठ गए भोजन को वीर हनुमान

पारंपरिक
हनुमान जी मंत्र हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

माता ने भोजन बनाए अपार,

बैठ गए भोजन को वीर हनुमान॥

जब सीता माता ने निमंत्रण कीना,

हनुमत को मैया ने आसन दीना,

चौका में बैठ गए करके स्नान,

बैठ गए भोजन को वीर हनुमान॥

सीता माता ने भोजन बनाया महान,

जब सीता माता ने थाली लगाई,

पूड़ी कचोरी और फल दाई मिठाई,

थाली को देख हनु रहे मुस्काए,

बैठ गए भोजन को वीर हनुमान॥

पूड़ी कचौड़ी और पंचरंग मिठाई,

एक ही बार हनुमत कर दी सफाई,

थाली को देख सिया भई हैरान,

बैठ गए भोजन को वीर हनुमान॥

जब श्रीराम ने तुलसीदल डारो,

हनुमत को तुरंत ही पेट भर आयो,

छोटे से रूप में आए हनुमान,

बैठ गए भोजन को वीर हनुमान॥

अवधपुरी की शोभा न्यारी,

उसमें आए बजरंगबली,

वानर के रूप में आए हनुमान,

बैठ गए भोजन को वीर हनुमान

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।