जरा इतना बता दो गणराज

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जरा इतना बता दो गणराज,

तेरा सुड सुडाला मुखड़ा क्यों॥

माता ने दर पे खड़ा किया,

आने ना पाए कोई यहां,

मैं बन गया पहरेदार,

तेरा सूड सुनाला मुखड़ा क्यों,

जरा इतना बता दो गणराज,

तेरा सुड सुडाला मुखड़ा क्यों॥

माता की आज्ञा मान लई,

बाबा की आज्ञा टाल दई,

मैंने गर्दन लई कटवाए,

तेरा सुड सुनाला मुखड़ा क्यों,

जरा इतना बता दो गणराज,

तेरा सुड सुडाला मुखड़ा क्यों॥

माता ने मन में ठान लई,

भोले ने प्रतिज्ञा मान लई,

मेरा मुखड़ा दिया बिगाड़,

तेरा सूड सुडाला मुखड़ा क्यों,

जरा इतना बता दो गणराज,

तेरा सुड सुडाला मुखड़ा क्यों॥

माता ने वर एक मांगा है,

देवों में देव निराला है,

याहै पूजे जग संसार,

तेरा सूड सुंडाला मुखड़ा क्यों,

जरा इतना बता दो गणराज,

तेरा सुड सुडाला मुखड़ा क्यों॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।