बसाले मन मंदिर में राम

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

बसाले मन मंदिर में राम,

बनेंगे बिगड़े तेरे काम,

बसालें मन मंदिर में राम,

बसालें मन मंदिर में राम।।

कौड़ी कौड़ी माया जोड़ी,

क्या आएगी काम,

तेरा मेरा करते करते,

तेरा मेरा करते करते,

निकल जाएंगे प्राण,

बसालें मन मंदिर में राम......

जिस पर होती कृपा गुरु की,

मिलता उसको ज्ञान,

जो चलता है गुरु वचनों पर,

जो चलता है गुरु वचनों पर,

मिले उसे भगवान,

बसालें मन मंदिर में राम.....

राम नाम जीवन का सहारा,

राम बिना सुना जग सारा,

राम बिना सुना तन मन धन,

राम बिना सुना तन मन धन,

सुना तेरा ध्यान,

बसालें मन मंदिर में राम......

नाते तेरे सब झूठें है,

कोई ना आए काम,

साथ में तेरे कोई चले ना,

साथ में तेरे कोई चले ना,

संग चले हरी नाम,

बसाले मन मंदिर में राम,

बनेंगे बिगड़े तेरे काम,

बसालें मन मंदिर में राम,

बसालें मन मंदिर में राम।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।