मुझे राम के बिना नहीं जीना

पारंपरिक
हनुमान जी भजन राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बजरंग राम जी को,

संदेश यही कहना,

मुझे राम के बिना नहीं जीना,

मुझे राम के बिना नही जीना।।

अपनी करनी की करनी से,

पर घर में आकर के बैठी,

पिया वचन मोह बस भूली,

छलकर लाया रावण कपटी,

लक्ष्मण रेखा कभी ना लाँघो,

अपने हाथ जहर नहीं पीना,

राम के बिना नही जीना,

बजरंग राम जी को,

संदेश यही कहना,

मुझे राम के बिना नही जीना,

मुझे राम के बिना नही जीना।।

छल बल से नारी हरे तो,

खुद ही खुद का नाशी,

मेरी पीड़ वो ही हरेंगे,

वो है घट घट वासी,

माँ अहिल्या की पीड़ हरी ना,

मुझे राम के बिना नही जीना,

बजरंग राम जी को,

संदेश यही कहना,

मुझे राम के बिना नही जीना,

मुझे राम के बिना नही जीना।।

जाओ हनुमत देर करो ना,

पल बीते युग के जैसे,

छली प्रपंची दानव आकर,

चन्द्रहास को खेंचे,

‘रामानंदी’ सियाराम चरण में,

राम रसायन पीना,

मुझे राम के बिना नही जीना,

बजरंग राम जी को,

संदेश यही कहना,

मुझे राम के बिना नही जीना,

मुझे राम के बिना नही जीना.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।