सुनो सिया मेरी बात

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुनो सिया मेरी बात,

राम फुल बगिया में आए हैं,

बगिया में आए फुल बगिया में आए,

सुनो सिया मेरी बात,

राम फुल बगिया में आए हैं॥

कौन वरण है कौन भेष है,

काहे का तिलक लगाए,

राम फुल बगिया में आए हैं,

बगिया में आए फुल बगिया में आए,

सुनो सिया मेरी बात,

राम फुल बगिया में आए हैं॥

श्याम वर्ण है कुंवर भेष है,

केसर तिलक लगाए,

राम फूल बगिया में आए हैं,

सुनो सिया मेरी बात,

राम फुल बगिया में आए हैं॥

कौन के प्यारे नयन दुलारे,

कौन में मन को भाए,

राम फुल बगिया में आए हैं,

बगिया में आए फुल बगिया में आए,

सुनो सिया मेरी बात,

राम फुल बगिया में आए हैं॥

कौशल्या के प्यारे नयन दुलारे,

सिया जी के मन को भाए,

राम फूल बगिया में आए हैं,

सुनो सिया मेरी बात,

राम फुल बगिया में आए हैं॥

गौरी पूजन गई भवानी,

नयन से नयन मिलाए,

राम फुल बगिया में आए हैं,

बगिया में आए फुल बगिया में आए,

सुनो सिया मेरी बात,

राम फुल बगिया में आए हैं॥

वर देना गिरीजा महारानी,

पति यही मिल जाए,

राम फुल बगिया में आए हैं,

बगिया में आए फुल बगिया में आए,

सुनो सिया मेरी बात,

राम फुल बगिया में आए हैं॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।