माँ लक्ष्मी मेरा भाग लिख दो

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

खोलो हृदय के ताले, माँ लक्ष्मी मेरा भाग लिख दो,

मैया जी मेरा भाग लिख दो, मैया जी मेरा भाग लिख दो,

खोलो हृदय के ताले, माँ लक्ष्मी मेरा भाग लिख दो ॥

पहला तो सुख पुत्र का लिख दो,

पुत्र का लिख दो माँ पुत्र का लिख दो,

भरा पूरा रहे परिवार, माँ लक्ष्मी मेरा भाग लिख दो,

खोलो हृदय के ताले, माँ लक्ष्मी मेरा भाग लिख दो॥

दूजा सुख मैया दौलत का लिख दो,

दौलत का लिख दो माँ दौलत का लिख दो,

मैं खूब करूं पुण्य दान, माँ लक्ष्मी मेरा भाग लिख दो,

खोलो हृदय के ताले, माँ लक्ष्मी मेरा भाग लिख दो॥

तीजा सुख मैया सेहत का लिख दो,

सेहत का लिख दो माँ सेहत का लिख दो,

आये रोग बीमारी ना पास, माँ लक्ष्मी मेरा भाग लिख दो,

खोलो हृदय के ताले, माँ लक्ष्मी मेरा भाग लिख दो॥

चौथा सुख अपनी कृपा का लिख दो,

कृपा का लिख दो माँ कृपा का लिख दो,

गुण गाये ‘कमल’ बारम्बार, माँ लक्ष्मी मेरा भाग लिख दो,

खोलो हृदय के ताले, माँ लक्ष्मी मेरा भाग लिख दो॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।